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Bharat ki nadiyan

नमस्कार मैं हूं प्रदीप आप सभी लोगों का मेरे ब्लॉग में स्वागत है आज की ब्लॉग में मैं आप लोगों के लिए परीक्षा में पूछे जाने वाले नदियों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों का संग्रह लेकर आया हूंl 1- भारत का सबसे पुराना पर्वत अरावली पर्वत हैl 2- अरावली पर्वत राजस्थान में स्थित हैl 3- हिमालय पर्वत को चार भागो में बांटा गया है A) पंजाब हिमालय B) कुमायूं हिमालय C) नेपाल हिमालय D) असम हिमालय पंजाब हिमालय की सबसे ऊंची चोटी K2 गॉडविन ऑस्टिन है यह भारत की भी सबसे ऊंची चोटी हैl भारत का सबसे ऊंचा दर्रा काराकोरम दर्रा हिमालय में स्थित हैl कुमायूं हिमालय की सबसे ऊंची चोटी धवलगिरी है जो कि उत्तराखंड में स्थित है  नेपाल हिमालय की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट (सागरमाथा) हैl असम हिमालय की सर्वोच्च चोटी कंचनजंगा हैl दक्षिण भारत की सर्वोच्च पर्वत चोटी अनामुदी है जो केरल के अन्नामलाई की पहाड़ी पर स्थित हैl अंडमान निकोबार की सर्वोच्च पर्वत चोटी सैंडल पिक है जबकि लक्ष्यदीप की सर्वोच्च पर्वत चोटी नारचो हैl

W. B. A fully completed with answer pdf

Dosto aap logo K liye bahut hi hars ki baat h ki nios se d. El. Ed kar rahe hain to aap logo ka work shop based activities (W. B. A)  ki file pura taiyar Ho chuki h aap niche diye hue link se PDF file download kar sakte hain. W. B. A fully solved PDF file link-http://imojo.in/4wq9po

विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे

अपवंचित बालक का अर्थ  - जन्म के उपरांत से ही बालक निरंतर विकसित होता है| यह विकास वंशानुक्रम के प्रभाव के अंतर्गत वातावरण के आधार पर होता है वातावरण का गुणात्मक प्रभाव बालक के विकास में सहायक होता है| प्रत्येक बालक का अधिकार है कि वह है अपना विकास प्राप्त अभिवृत्ति और योग्यताओं की सीमा तक करें और शिक्षा का उद्देश्य है कि बालक का विकास पूर्णतः हो| कुछ बालक ऐसे होते हैं जो सुविधाओं के क्षेत्र में सामान्य बालक से कम होते हैं| यह विभिन्न प्रकार की सुविधाओं जैसे आर्थिक सामाजिक सांस्कृतिक से वंचित रह जाते हैं यथा भाषा धर्म जाति क्षेत्र वर्ल्ड लिंग के कारण अपवंचित रह जाते हैं| इन सुविधाओं के अभाव में उनका विकास सामान्य बालकों के समान नहीं हो पाता और उनके विकास में गतिरोध आ जाता है ऐसे बालक  अपवंचित  बालक  कहलाते हैं| सामाजिक स्तर से वंचित बालक - सामाजिक स्तर से वंचित बालक वह होते हैं जो गरीबी अशिक्षा परिवार की खराब स्थिति के कारण वंचित रह जाते हैं - सामाजिक रुप से निम्न( जाति वर्ग या धर्म के आधार पर ) सांस्कृतिक स्तर से निम्न घर का बिगड़ा माहौल व सुविधाओं का अभाव...

सूझ का सिद्धांत (कोहलर)ctet success topic 8

इस सिद्धांत को गेस्टाल्ट का सिद्धांत भी कहते हैं इस सिद्धांत का प्रतिपादन जर्मनी के गेस्टाल्ट वादियों ने किया था| सूझ के सिद्धांत का वर्णन करने से पूर्व हम यह बताना चाहेंगे की सूझ क्या है? गुड ने सूझ की  परिभाषा इस प्रकार दी है, सूझ वास्तविक स्थिति का आकस्मिक निश्चित और तत्कालिक ज्ञान है|"  सूझ से काम करने की योग्यता  अधिक विकसित पशुओं तथा  मनुष्य में पाई जाती है  वास्तव में  सूझ के द्वारा सीखना  प्रयास एवं  त्रुटि सिद्धांत का ही परिणाम है| कोहलर का प्रयोग - गेस्टाल्टवादी कोहलर ने वनमानुषों पर अनेक प्रयोग यह जानने के लिए किया कि क्या वे सूज के द्वारा सीखते हैं? कोहलर द्वारा किया गया एक प्रयोग निम्नलिखित है - कोहलर ने 6 वनमानुष को एक कमरे में बंद कर दिया| उसने कमरे की छत से एक अकेला लड़का दिया | केला इतना ऊंचा  लटकाया गया था कि वनमानुष  वहां तक  पहुंच नहीं सकता था | कमरे में  एक बक्सा भी  रख दिया  गया|  वनमानुष ने  उछलकर  केला लेना  चाहा परंतु  वह सब  अपने प्रयास में  सफल नही...

संबंध प्रतिक्रिया का सिद्धांत( पावलव) ctet success topic 7

संबंध प्रतिक्रिया का सिद्धांत पावलव द्वारा प्रतिपादित किया गया है| इसे अनुक्रिया अनुबंधन का सिद्धांत भी कहते हैं| संबद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धांत शरीर विज्ञान का सिद्धांत है यह सिद्धांत संबंधवाद के सिद्धांत को की 'उद्दीपक और प्रतिक्रिया का संबंध होना ही सीखना है' मान्यता प्रदान करता है| पावलव का प्रयोग - संबंध प्रतिक्रिया सिद्धांत के प्रतिपादक व्यवहारवादी हैं सबसे पहले रूसी विद्वान पावलव ने शारीरिक प्रक्रियाओं को उत्तेजना से संबंध करने का विचार उपस्थित किया उसने संबंध प्रतिक्रिया के सिद्धांत की सत्यता जानने के लिए प्रयोग किया है यह प्रयोग इस प्रकार है  -  पावलव ने प्रयोग के लिए एक कुत्ता लिया| उसने एक निश्चित समय पर भोजन दिया| भोजन देने के साथ-साथ पावलव ने घंटी बजाई| यह स्वभाविक ही था की भोजन को देख कर  कुत्ते के मुंह में लार आ जाती थी| लार आना एक स्वाभाविक क्रिया थी उसके पश्चात पावलव ने कुत्ते को भोजन नहीं दिया उसने केवल घंटी बजाई|  ऐसी स्थिति में  भी  कुत्ते के मुंह से  लार टपकने लगती थी  यह एक स्वाभाविक  क्रिया  नहीं थी  इसक...

प्रयास तथा त्रुटि का सिद्धांत(ctet success topic) 6

प्रयास तथा त्रुटि सिद्धांत के प्रतिपादक थार्नडाइक थे| सीखने में यह सिद्धांत भी अपना विशेष महत्व रखता है थार्नडाइक का विश्वास है कि चूहे तथा बिल्ली की तरह बालक भी प्रयास और त्रुटि के द्वारा ही सीखते हैं| बालक इसी सिद्धांत के अनुसार चलना बोलना तथा भोजन करना सीखते हैं| सिद्धांत का सार - इस प्रकार के सीखने को हम सफल प्रतिक्रियाओं के चुनाव के द्वारा सीखने की विधि  भी कहते हैं|  इस सिद्धांत का स्पष्टीकरण निम्न प्रकार किया जा सकता है - जब कोई व्यक्ति कोई कार्य करना सीखता है तो उसने आरंभ में त्रुटियां होती हैं परंतु बार बार प्रयत्न करने पर व्यक्ति उसे करना सीख जाता है| सीखना जो इस प्रकार संभव होता है त्रुटि और प्रयास से सीखना कहलाता है|  वुडवर्थ के अनुसार," प्रयास और त्रुटि के अंतर्गत किसी नवीन कार्य को सीखने के लिए अनेक प्रयत्न करने पड़ते हैं जिनमें अधिकांश गलत होते हैं|" थार्नडाइक का प्रयोग -  प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत के प्रतिपादक थार्नडाइक है उसने एक प्रयोग किया उसने एक दिल्ली पकड़ी उसे उसने भूखा रखा| इस भूखी बिल्ली को पिंजड़े में बंद कर दिया गया|  एक खटके ...

बाल विकास(ctet success topic) 6

विकास की अवधारणा :- विकास की प्रक्रिया अविरल क्रमिक तथा सतत् प्रक्रिया है, जो बालक में शारीरिक, क्रियात्मक, संज्ञात्मक, भाषात्मक, संवेगात्मक तथा सामाजिक विकास करती है l बाल विकास का तात्पर्य है :- बालक के विकास की प्रक्रिया, यह उसके जन्म से पूर्व गर्भ में ही प्रारम्भ हो जाती है, विकास की इस प्रक्रिया में वह गर्भावस्था, शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, तथा प्रौढ़ावस्था इत्यादि अवस्थाओं से गुजरते हुए परिपक्वता की स्थिति प्राप्त करता है l विकास के अभिलक्षण :- -विकास जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है l -विकासात्मक परिवर्तन सामान्य से विशिष्ट की ओर, सरल से जटिल की ओर एकीकृत से क्रियात्मक स्तरों का अनुसरण करते है l -विकास की प्रक्रिया सतत् के साथ-साथ विछिन्न अर्थात दोनों प्रकार की होती है, कुछ परिवर्तन तेजी से होते हैं और सुस्पष्ट रूप से दिखाई भी देते हैं, जैसे पहला दांत निकलना जबकि कुछ परिवर्तन दिन प्रतिदिन की क्रियाओं में आसानी से देख पाना संभव नहीं होता, क्योकि वे अधिक प्रखर नहीं होते जैसे व्याकरण को समझना l -विकास बहुत ही लचीला होता है, इसका अर्थ है कि एक व्यक्ति अपनी प...

उत्तम परीक्षण की विशेषताएं(ctet success topic) 5

किसी वस्तु को इसलिए अच्छा कहा जाता है कि उसमें सभी अच्छे गुण होते हैं कहने का तात्पर्य यह है कि किसी वस्तु को अच्छा या खराब उसके प्रचलित गुणों या कसौटियों के आधार पर ही कहा जा सकता है इसी प्रकार किसी शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक परीक्षण की उत्तमता का निश्चय उसकी मान्य कसौटियों के आधार पर किया जाता है| एक अच्छा परीक्षण उसे कहां जा सकता है जो उन आवश्यकताओं की पूर्ति करता है और उन उद्देश्यों को प्राप्त करता है जिन को ध्यान में रखकर उसकी रचना की गई है|  संक्षेप में हम कह सकते हैं की एक उत्तम परीक्षण आवश्यक रूप से प्रयोजन पूर्ण एवं प्रभावी कृत  यंत्र है  जो मानव व्यवहार की  वस्तुनिष्ठता  एवं  व्यापकता  के साथ मापन करता है  इस प्रकार  अच्छे परीक्षण का  प्रशासन एवं  अंकन  सरल होता है इन परीक्षणों की विश्वसनीयता वैधता एवं मानक निश्चित  होते हैं  और  जिसमें  विभेदन  करने की  शक्ति विद्यमान होती है| उपरोक्त के आधार पर मापन के अच्छे परीक्षणों के निम्न गुण होते हैं - अच्छे परीक्षण प्रयोजन एवं उद्देश्यपूर्ण ...

प्रश्न पत्र निर्माण की प्रक्रिया(ctet success topic) 4

परीक्षणों की रचना में प्रयोग चरण - प्रायः सभी मनोवैज्ञानिक एवं शैक्षिक परीक्षणों की रचना में निम्नलिखित पांच चरण प्रयुक्त होते हैं -  परीक्षण योजना बनाना  परीक्षण के प्रारंभिक रूप की तैयारी करना  परीक्षण के प्रारंभिक रूप की जांच करना  परीक्षण का मूल्यांकन करना परीक्षण के अंतिम रूप की रचना परीक्षण रचना में नियम - परीक्षा रचना के चरण में चार  नियमों का पालन करना आवश्यक है  जो निम्नलिखित है - परीक्षण के द्वारा शिक्षण के परिणाम स्वरुप छात्र की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के मापन  की उपयुक्त व्यवस्था  होनी चाहिए|  परीक्षण में उसके उद्देश्यों को प्रतिबिंबित होना चाहिए परीक्षण के उद्देश्यों के अनुकूल  ही  प्रश्नों या  पदों का निर्माण होना चाहिए|  परीक्षण प्रश्नों का निर्माण चयन संपूर्ण विषय सामग्री पर  आधारित होना चाहिए|  परीक्षण के स्वरुप में उसके प्रशासन की दशाओं का उल्लेख होना चाहिए| वस्तुनिष्ठ परीक्षणों की  विशेषताएं - वस्तुनिष्ठ परीक्षणों की निम्नन विशेषताएं होती है -  इन परीक्षणों म...

मूल्यांकन अभिलेखीकरण(ctet success topic) 3

मूल्यांकन प्रक्रिया में अभिलेखीकरण का महत्व - मूल्यांकन प्रक्रिया में अभिलेखीकरण की मुख्य भूमिका है अभिलेखों के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए जाते हैं |मूल्यांकन में अभिलेखीकरण का महत्व निम्न बिंदुओं के द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है -  अभिलेखीकरण के द्वारा अन्य क्षेत्रों के लिए भावी मूल्यांकन योजना का  रूप निश्चित किया जाता है| अभिलेखीकरण छात्रों के विकास के लिए  अत्यधिक आवश्यक है  क्योंकि उसमे छात्रों के प्रत्येक पक्ष से  संबंधित  सूचनाओं का  अभिलेख तैयार किया जाता है| अभिलेखीकरण से मूल्यांकन प्रक्रिया तथा उसकी कार्य योजना का क्रमबद्ध तथा सुसंगठित  चित्र तैयार किया जाता है| अभिलेखीकरण का संज्ञानात्मक पक्ष - संज्ञानात्मक पक्ष आशय उन क्रियाओं तथा दक्षताओं का मूल्यांकन करते हुए  अभिलेख तैयार करना है  जो संज्ञानात्मक पक्ष से संबंधित है जैसे कि एक छात्र शब्दों के संदर्भ में कितना ध्यान रखता है ?वह मूल्यांकन के पश्चात ज्ञात किया जाता है|   मूल्यांकन में पुनर्बलन - मूल्यांकन की प्रक्रिया में पुनर्बलन का अ...

निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण(ctet success topic) 2

निदानात्मक परीक्षण - निदानात्मक परीक्षण एक ऐसा शैक्षिक उपादान है जिसके आधार पर पठित विषय वस्तु की सूक्ष्म इकाई में बालक की विशिष्टता एवं कमियां परिलक्षित होती हैं नैदानिक शिक्षण द्वारा यह पता लगाने का प्रयत्न किया जाता है की पाठ्यवस्तु का कौन सा भाग किस मात्रा में सीखा गया है तथा कितना भाग छात्र सीखने में असमर्थ रहा है और क्यों छात्र की विषय गणित इन्हें कमजोरियों का पता नैदानिक एक परीक्षणों द्वारा लगाया जाता है| निदान परीक्षण व्यक्ति की जांच करने के पश्चात किसी एक या अधिक क्षेत्रों में छात्र की विशेषताओं एवं कमियों को व्यक्त करता है| निदानात्मक परीक्षण को विश्लेषणात्मक परीक्षण के नाम से भी जाना जाता है| निदानात्मक परीक्षण की विशेषताएं -  यह परीक्षण पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग है|  यह परीक्षण विशिष्ट उद्देश्यों के अनुरूप होते हैं| यह परीक्षण मानव कृत एवं मानकीकृत दोनों प्रकार के होते हैं| इन परीक्षणों के उपयोग के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं होती है|  यह परीक्षाएं सीखने वाले की मानसिक प्रक्रिया के स्वरूप को बिल्कुल स्पष्ट कर देती है| उपचारात्मक शिक्षण - उपचा...

क्रियात्मक शोध(ctet success topic) 1

क्रियात्मक शोध का अर्थ- कोरे के अनुसार," क्रियात्मक अनुसंधान वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यवहारिक कार्यकर्ता वैज्ञानिक ढंग से अपनी समस्याओं का अध्ययन अपने निर्णय और क्रियाओं में निर्देशन, सुधार और मूल्यांकन करते हैं|" हिंदी में संभवत है सर्वप्रथम कामता प्रसाद पांडे ने 1965 में शिक्षा में क्रियात्मक अनुसंधान नाम की पुस्तक की रचना की थी उनके अनुसार," शिक्षा संस्थाओं और शैक्षणिक अनुसंधान कर्ताओं के बीच एक ऐसी खाई सी बन गई है जिसे पाटना प्रजातंत्र की रक्षा हेतु नितांत आवश्यक बन गया है| प्रजातंत्रात्मक राष्ट्र के विद्यालयों में सतत विकास शील बनाए रख कर ही प्रजातंत्र को जीवित रखा जा सकता है| इसके लिए विद्यालयों के प्रधानाचार्य, व्यवस्थापकों, अध्यापकों तथा निरीक्षकों को चाहिए कि वह अपनी जिम्मेदारियों को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने की चेष्टा करें| वह अपने शैक्षणिक समस्याओं का हल स्वयं ढूंढें तथा सदैव इस बात का प्रयत्न करें कि विद्यालय निरंतर प्रगति के नवीन चिन्हों का सृजन करें| शिक्षा में क्रियात्मक अनुसंधान इसी तथ्य की पुष्टि हेतु विकसित हुआ है|" "जब शिक्षक अपनी...

शिक्षक भर्ती 22 वां संशोधन

नमस्कार दोस्तों मैं हूं प्रदीप कुमार और आज के   ब्लॉग में मैं आपको 6 तारीख को हुए शिक्षा नियमावली में 22 में संशोधन के बारे में बताने जा रहा हूं|  आज दिनांक 6 तारीख को बेसिक शिक्षा नियमावली में 22 वां संशोधन हुआ है| इस संशोधन मैं यह कहा गया है कि अब BTC बनी सिर्फ 1 डिग्री तथा BTC से मेरिट को खत्म कर दिया गया| अब मात्र लिखित परीक्षा के आधार पर प्रदेश स्तर पर अन्य विभाग की भर्तियों की तरह अध्यापक भर्ती किए जाएंगे| आज के हुए संशोधन में निम्नलिखित बिंदु को मान्यता दी गई - अब सिर्फ शिक्षक भर्ती परीक्षा के आधार पर होगा चयन | शिक्षक भर्ती परीक्षा में कट ऑफ की बाध्यता समाप्त हो गई| 10वीं,  12वीं ,स्नातक ,BTC प्रशिक्षण के अंक नहीं जोड़े जाएंगे चयन में | शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह एक अत्यंत सुनहरा अवसर है ऐसे में जम के तैयारी करें और एक ही परीक्षा देकर शिक्षक बनने का सपना पूरा करें|

दक्षता आधारित मूल्यांकन

 दक्षता आधारित मूल्यांकन का अर्थहै- शिक्षार्थियों की दक्षता पर आधारित न्यूनतम अधिगम आकलन विश्लेषण करना जिससे शिक्षार्थियों की दक्षता एवं ग्राहक को सुनिश्चित किया जा सके| जैसे प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में छात्रों को 1 से 100 तक की गिनती यों का अभ्यास कराते हैं| इनके सभी पक्षों में पूर्णरूपेण दक्षता प्राप्त करना है अधिगम प्रक्रिया है| अधिगम प्रक्रिया है इस अधिगम की जांच या आकलन हेतु शिक्षक दक्षता आधारित मूल्यांकन का सहारा लेते हैं| दक्षता आधारित मूल्यांकन के द्वारा अध्यापक उन कारणों को भी ज्ञात कर लेता है जिनके कारण शिक्षार्थी अपेक्षित स्तर तक सीखने में असमर्थ हैं अर्थात शिक्षकों को कक्षा में समय-समय पर दक्षता आधारित मूल्यांकन करते रहना चाहिए जिससे छात्रों में दक्षता का ज्ञान हो सके और अधिगम प्रक्रिया को सफल बनाया जा सके|

सतत मूल्यांकन

सतत मूल्यांकन मूल्यांकन की ऐसी व्यवस्था है जो सीखने-सिखाने के साथ चलती है| जिसमें शिक्षार्थियों के अनुभव और व्यवहारों में होने वाले परिवर्तनों का लगातार मूल्यांकन होता रहता है| सतत मूल्यांकन लिखित मौखिक एवं अन्य क्रियाकलापों के माध्यम से संपन्न होता है| सतत मूल्यांकन में प्रत्येक इकाई प्रशिक्षण के उपरांत या शिक्षण के दौरान विभिन्न उपकरणों से छात्रों का मूल्यांकन किया जाता है इससे यह पता लगाया जाता है कि अध्यापक विषय वस्तु को छात्र समझ रहा है अथवा नहीं| व्यापक मूल्यांकन के तीन पक्ष हैं- बालक के संपूर्ण पक्षियों का मूल्यांकन करना व्यापक मूल्यांकन कहलाता है व्यापक मूल्यांकन के अंतर्गत निम्नलिखि पक्षो को सम्मिलित किया जाताहै- संज्ञानात्मक पक्ष भावात्मक पक्ष कौशलात्मक पक्ष सतत मूल्यांकन विधियां- वर्तमान में परंपरागत रूप से अर्धवार्षिक परीक्षा एवं वार्षिक परीक्षा काफी अधिक समय अंतराल के बाद होती है जिनके कारण  बालकों की कठिनाइयों को  पहचान कर  उन्हें दूर करना असंभव होता है  अतः बालकों की  प्रगति को निरंतर बनाए रखने के लिए  सतत मूल्यांकन करने हेतु ...

Btc 3rd semester important questions With answer

बाबरनामा बाबर द्वारा लिखित एक आत्मकथा है|  इबादत खाना का निर्माण  अकबर ने करवाया था| मराठों का सर्वाधिक उत्थान शिवाजी के काल में हुआ | विलय नीति का संबंध डलहौजी से है| संसद से तात्पर्य लोकसभा तथा राज्यसभा से है|  भारत का प्रथम नागरिक राष्ट्रपति होता है|  सर्दियों में अंटार्कटिका में 24 घंटे अंधेरे रहता है|  गुलाल में उड़ता हुआ हल्का रंगीन पदार्थ अभ्रक होताा है| कर्नाटक के कैगा में परमाणु ऊर्जा उत्पादन केंद्र स्थित है | भारत में डाक प्रणाली 1866 में प्रारंभ हुई थी| पर्वतों की श्रेणी रेंच कहते हैं| भारत में मुगल वंश की नींव बाबर ने डाली|

D.el.ed school based activities solved case study of a child

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नमस्कार दोस्तों मैं हूं प्रदीप आज के ब्लॉक में मैं आपको डीएलएड का स्कूल बेस्ट एक्टिविटीज के अंतर्गत केस स्टडी ऑफ़ ए चाइल्ड का उत्तर सहित व्याख्या करुंगा डीएलएड में SBA अत्यंत महत्वपूर्ण हैl इसको करना अनिवार्य है| इसके करने के बदले आपको नंबर मिलेंगे इसीलिए मैं आप लोगों के लिए SBA का केस स्टडी ऑफ़ ए चाइल्ड का पार्ट वन का उत्तर उपलब्ध करा रहा हूं|

Workshop based activities (WBA) d.el.ed के लिए क्यों जरूरी है?

 मेरे प्यारे मित्रों  आज के ब्लॉक में  मैं आपको बताऊंगा कि w b.a. क्या होता है  जो डीएलएड वालों के लिए अनिवार्य है|  आप सभी लोगों का  लर्न वीथ फन चैनल में स्वागत है|  चलिए शुरू करते हैं|  जिस तरह से SBA – School Based Activities को पढना जरुरी है उसी प्रकार W.B.A भी 100 % पढना अनिवार्य है |  W.B.A का मतलब “Workshop Based Activities” जिसे हिंदी में “कार्यशाला आधारित गतिविधियाँ” कहते है | इसे स्टडी सेण्टर के समन्वयक द्वारा 12 दिन का कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा | School Based Activities को प्रथम और द्वितीय वर्ष में पढना है | हलाकि इसमे उतना प्रॉब्लम नही होगा जितना आप सोचते होंगे | अगर बारह दिन मन से क्लास कर लिए तो आप अच्छे से सिख सकते है | डी.एल.एड के first year में 4 क्रेडिट कार्यशाला मूल्याङ्कन तैयार करना है  जिसके लिए 100 अंक मिलेगा | इसी प्रकार 2nd ईयर में भी चार credit को फॉलो करना है तो आप परीक्षा में शामिल हो सकते है | कार्यशाला शिक्षण और सीखने के विभिन्न पहलुओं में प्रशिक्षण के लिए उपयोगी तकनीकों और सुझावों के लिए एक बुनिय...

मध्यप्रदेश के विशेष तथ्य

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है| देश के मध्य स्थित होने के कारण मध्य प्रदेश नामकरण हृदय प्रवेश नाम से भी संबोधित है| मध्यप्रदेश में कुल 51 जिले हैं| मध्य प्रदेश की राजभाषा हिंदी है| मध्यप्रदेश का राज्य दिवस 1 नवंबर को मनाया जाताा है| मध्यप्रदेश का राजकीय वृक्ष बरगद है| मध्यप्रदेश का राजकीय पशुुु बारहसिंगा है| मध्यप्रदेश का राजकीय पक्षी एशियन पैराडाइज फ्लाईकैचर है| मध्यप्रदेश का राजकीय पुष्प पैरोट ट्री है| मध्यप्रदेश का खजुराहो अपनी कलात्मक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है| बाणसागर बांध सोन नदी पर स्थित है| गांधी सागर बांध चंबल नदी पर स्थित है| जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला इंदौर  तथा सबसे छोटा जिला हरदा है|

D.el.ed (SBA) school base activity

School Based Activities सभी d.el.ed कर रहे सभी teachers के लिए अनिवार्य है. क्युकी अगर आपको DELED में Pass होना है तो इसे भी पास करना पड़ेगा. आपको Diploma in Elementary Education (D.El.Ed) programme में School Based Activities-स्कूल आधारित क्रियाएँ के 100 Marks ( अंक ) दिए जाते है. इSchool Based Activitie कब शुरू करनी है ये आपको कोई बताएगा नहीं. क्युकी Study Center में PCP चल रहा है और School में School Based Activities चल रही है. Total hours of study 120 में शाला आधारित प्रवृत्तिया करनी है. इसके लिए 20 Credits रखे गए है. आपको विद्यालय आधारित प्रवृत्तिया करने के लिए और कहीं जाना नहीं है. अपने ही school में जहाँ वो पढ़ा रहा है वहां ये सभी activites करनी हैसे 1st year में ही पूरा करना है.