प्रश्न पत्र निर्माण की प्रक्रिया(ctet success topic) 4

परीक्षणों की रचना में प्रयोग चरण - प्रायः सभी मनोवैज्ञानिक एवं शैक्षिक परीक्षणों की रचना में निम्नलिखित पांच चरण प्रयुक्त होते हैं - 


  1. परीक्षण योजना बनाना 
  2. परीक्षण के प्रारंभिक रूप की तैयारी करना 
  3. परीक्षण के प्रारंभिक रूप की जांच करना 
  4. परीक्षण का मूल्यांकन करना
परीक्षण के अंतिम रूप की रचना

परीक्षण रचना में नियम -

परीक्षा रचना के चरण में चार  नियमों का पालन करना आवश्यक है  जो निम्नलिखित है -

  1. परीक्षण के द्वारा शिक्षण के परिणाम स्वरुप छात्र की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के मापन  की उपयुक्त व्यवस्था  होनी चाहिए|
  2.  परीक्षण में उसके उद्देश्यों को प्रतिबिंबित होना चाहिए परीक्षण के उद्देश्यों के अनुकूल  ही  प्रश्नों या  पदों का निर्माण होना चाहिए|
  3.  परीक्षण प्रश्नों का निर्माण चयन संपूर्ण विषय सामग्री पर  आधारित होना चाहिए|
  4.  परीक्षण के स्वरुप में उसके प्रशासन की दशाओं का उल्लेख होना चाहिए|
वस्तुनिष्ठ परीक्षणों की  विशेषताएं - वस्तुनिष्ठ परीक्षणों की निम्नन विशेषताएं होती है - 

  1. इन परीक्षणों में ऐसे प्रश्न होते हैं जिनके उत्तर निश्चित एवं संक्षिप्त होतेे हैं|
  2. वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का निर्माण एक कुशल निर्माण  परीक्षण निर्माता ही कर सकता है |
  3. इसमें छात्र को अपने भाव को व्यक्त करने का अवसर नहीं मिल पाता है|
  4. इन प्रश्नों को पढ़ने एवं उनको समझने में परीक्षार्थी को अधिक समय देना पड़ता है|

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