Posts

उत्तम परीक्षण की विशेषताएं(ctet success topic) 5

किसी वस्तु को इसलिए अच्छा कहा जाता है कि उसमें सभी अच्छे गुण होते हैं कहने का तात्पर्य यह है कि किसी वस्तु को अच्छा या खराब उसके प्रचलित गुणों या कसौटियों के आधार पर ही कहा जा सकता है इसी प्रकार किसी शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक परीक्षण की उत्तमता का निश्चय उसकी मान्य कसौटियों के आधार पर किया जाता है| एक अच्छा परीक्षण उसे कहां जा सकता है जो उन आवश्यकताओं की पूर्ति करता है और उन उद्देश्यों को प्राप्त करता है जिन को ध्यान में रखकर उसकी रचना की गई है|  संक्षेप में हम कह सकते हैं की एक उत्तम परीक्षण आवश्यक रूप से प्रयोजन पूर्ण एवं प्रभावी कृत  यंत्र है  जो मानव व्यवहार की  वस्तुनिष्ठता  एवं  व्यापकता  के साथ मापन करता है  इस प्रकार  अच्छे परीक्षण का  प्रशासन एवं  अंकन  सरल होता है इन परीक्षणों की विश्वसनीयता वैधता एवं मानक निश्चित  होते हैं  और  जिसमें  विभेदन  करने की  शक्ति विद्यमान होती है| उपरोक्त के आधार पर मापन के अच्छे परीक्षणों के निम्न गुण होते हैं - अच्छे परीक्षण प्रयोजन एवं उद्देश्यपूर्ण ...

प्रश्न पत्र निर्माण की प्रक्रिया(ctet success topic) 4

परीक्षणों की रचना में प्रयोग चरण - प्रायः सभी मनोवैज्ञानिक एवं शैक्षिक परीक्षणों की रचना में निम्नलिखित पांच चरण प्रयुक्त होते हैं -  परीक्षण योजना बनाना  परीक्षण के प्रारंभिक रूप की तैयारी करना  परीक्षण के प्रारंभिक रूप की जांच करना  परीक्षण का मूल्यांकन करना परीक्षण के अंतिम रूप की रचना परीक्षण रचना में नियम - परीक्षा रचना के चरण में चार  नियमों का पालन करना आवश्यक है  जो निम्नलिखित है - परीक्षण के द्वारा शिक्षण के परिणाम स्वरुप छात्र की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के मापन  की उपयुक्त व्यवस्था  होनी चाहिए|  परीक्षण में उसके उद्देश्यों को प्रतिबिंबित होना चाहिए परीक्षण के उद्देश्यों के अनुकूल  ही  प्रश्नों या  पदों का निर्माण होना चाहिए|  परीक्षण प्रश्नों का निर्माण चयन संपूर्ण विषय सामग्री पर  आधारित होना चाहिए|  परीक्षण के स्वरुप में उसके प्रशासन की दशाओं का उल्लेख होना चाहिए| वस्तुनिष्ठ परीक्षणों की  विशेषताएं - वस्तुनिष्ठ परीक्षणों की निम्नन विशेषताएं होती है -  इन परीक्षणों म...

मूल्यांकन अभिलेखीकरण(ctet success topic) 3

मूल्यांकन प्रक्रिया में अभिलेखीकरण का महत्व - मूल्यांकन प्रक्रिया में अभिलेखीकरण की मुख्य भूमिका है अभिलेखों के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए जाते हैं |मूल्यांकन में अभिलेखीकरण का महत्व निम्न बिंदुओं के द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है -  अभिलेखीकरण के द्वारा अन्य क्षेत्रों के लिए भावी मूल्यांकन योजना का  रूप निश्चित किया जाता है| अभिलेखीकरण छात्रों के विकास के लिए  अत्यधिक आवश्यक है  क्योंकि उसमे छात्रों के प्रत्येक पक्ष से  संबंधित  सूचनाओं का  अभिलेख तैयार किया जाता है| अभिलेखीकरण से मूल्यांकन प्रक्रिया तथा उसकी कार्य योजना का क्रमबद्ध तथा सुसंगठित  चित्र तैयार किया जाता है| अभिलेखीकरण का संज्ञानात्मक पक्ष - संज्ञानात्मक पक्ष आशय उन क्रियाओं तथा दक्षताओं का मूल्यांकन करते हुए  अभिलेख तैयार करना है  जो संज्ञानात्मक पक्ष से संबंधित है जैसे कि एक छात्र शब्दों के संदर्भ में कितना ध्यान रखता है ?वह मूल्यांकन के पश्चात ज्ञात किया जाता है|   मूल्यांकन में पुनर्बलन - मूल्यांकन की प्रक्रिया में पुनर्बलन का अ...

निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण(ctet success topic) 2

निदानात्मक परीक्षण - निदानात्मक परीक्षण एक ऐसा शैक्षिक उपादान है जिसके आधार पर पठित विषय वस्तु की सूक्ष्म इकाई में बालक की विशिष्टता एवं कमियां परिलक्षित होती हैं नैदानिक शिक्षण द्वारा यह पता लगाने का प्रयत्न किया जाता है की पाठ्यवस्तु का कौन सा भाग किस मात्रा में सीखा गया है तथा कितना भाग छात्र सीखने में असमर्थ रहा है और क्यों छात्र की विषय गणित इन्हें कमजोरियों का पता नैदानिक एक परीक्षणों द्वारा लगाया जाता है| निदान परीक्षण व्यक्ति की जांच करने के पश्चात किसी एक या अधिक क्षेत्रों में छात्र की विशेषताओं एवं कमियों को व्यक्त करता है| निदानात्मक परीक्षण को विश्लेषणात्मक परीक्षण के नाम से भी जाना जाता है| निदानात्मक परीक्षण की विशेषताएं -  यह परीक्षण पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग है|  यह परीक्षण विशिष्ट उद्देश्यों के अनुरूप होते हैं| यह परीक्षण मानव कृत एवं मानकीकृत दोनों प्रकार के होते हैं| इन परीक्षणों के उपयोग के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं होती है|  यह परीक्षाएं सीखने वाले की मानसिक प्रक्रिया के स्वरूप को बिल्कुल स्पष्ट कर देती है| उपचारात्मक शिक्षण - उपचा...

क्रियात्मक शोध(ctet success topic) 1

क्रियात्मक शोध का अर्थ- कोरे के अनुसार," क्रियात्मक अनुसंधान वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यवहारिक कार्यकर्ता वैज्ञानिक ढंग से अपनी समस्याओं का अध्ययन अपने निर्णय और क्रियाओं में निर्देशन, सुधार और मूल्यांकन करते हैं|" हिंदी में संभवत है सर्वप्रथम कामता प्रसाद पांडे ने 1965 में शिक्षा में क्रियात्मक अनुसंधान नाम की पुस्तक की रचना की थी उनके अनुसार," शिक्षा संस्थाओं और शैक्षणिक अनुसंधान कर्ताओं के बीच एक ऐसी खाई सी बन गई है जिसे पाटना प्रजातंत्र की रक्षा हेतु नितांत आवश्यक बन गया है| प्रजातंत्रात्मक राष्ट्र के विद्यालयों में सतत विकास शील बनाए रख कर ही प्रजातंत्र को जीवित रखा जा सकता है| इसके लिए विद्यालयों के प्रधानाचार्य, व्यवस्थापकों, अध्यापकों तथा निरीक्षकों को चाहिए कि वह अपनी जिम्मेदारियों को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने की चेष्टा करें| वह अपने शैक्षणिक समस्याओं का हल स्वयं ढूंढें तथा सदैव इस बात का प्रयत्न करें कि विद्यालय निरंतर प्रगति के नवीन चिन्हों का सृजन करें| शिक्षा में क्रियात्मक अनुसंधान इसी तथ्य की पुष्टि हेतु विकसित हुआ है|" "जब शिक्षक अपनी...

शिक्षक भर्ती 22 वां संशोधन

नमस्कार दोस्तों मैं हूं प्रदीप कुमार और आज के   ब्लॉग में मैं आपको 6 तारीख को हुए शिक्षा नियमावली में 22 में संशोधन के बारे में बताने जा रहा हूं|  आज दिनांक 6 तारीख को बेसिक शिक्षा नियमावली में 22 वां संशोधन हुआ है| इस संशोधन मैं यह कहा गया है कि अब BTC बनी सिर्फ 1 डिग्री तथा BTC से मेरिट को खत्म कर दिया गया| अब मात्र लिखित परीक्षा के आधार पर प्रदेश स्तर पर अन्य विभाग की भर्तियों की तरह अध्यापक भर्ती किए जाएंगे| आज के हुए संशोधन में निम्नलिखित बिंदु को मान्यता दी गई - अब सिर्फ शिक्षक भर्ती परीक्षा के आधार पर होगा चयन | शिक्षक भर्ती परीक्षा में कट ऑफ की बाध्यता समाप्त हो गई| 10वीं,  12वीं ,स्नातक ,BTC प्रशिक्षण के अंक नहीं जोड़े जाएंगे चयन में | शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह एक अत्यंत सुनहरा अवसर है ऐसे में जम के तैयारी करें और एक ही परीक्षा देकर शिक्षक बनने का सपना पूरा करें|

दक्षता आधारित मूल्यांकन

 दक्षता आधारित मूल्यांकन का अर्थहै- शिक्षार्थियों की दक्षता पर आधारित न्यूनतम अधिगम आकलन विश्लेषण करना जिससे शिक्षार्थियों की दक्षता एवं ग्राहक को सुनिश्चित किया जा सके| जैसे प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में छात्रों को 1 से 100 तक की गिनती यों का अभ्यास कराते हैं| इनके सभी पक्षों में पूर्णरूपेण दक्षता प्राप्त करना है अधिगम प्रक्रिया है| अधिगम प्रक्रिया है इस अधिगम की जांच या आकलन हेतु शिक्षक दक्षता आधारित मूल्यांकन का सहारा लेते हैं| दक्षता आधारित मूल्यांकन के द्वारा अध्यापक उन कारणों को भी ज्ञात कर लेता है जिनके कारण शिक्षार्थी अपेक्षित स्तर तक सीखने में असमर्थ हैं अर्थात शिक्षकों को कक्षा में समय-समय पर दक्षता आधारित मूल्यांकन करते रहना चाहिए जिससे छात्रों में दक्षता का ज्ञान हो सके और अधिगम प्रक्रिया को सफल बनाया जा सके|